यह श्रृष्टि आशा से भरी हुयी है
यह श्रृष्टि आशा से भरी हुयी है , हर मनुष्य के मन में ये बात आती है की हमें कुछ न कुछ करना है , इसी को चाह कहते है , जब ये चाह प्राप्त करने की लगन हो तोह उसको जुनून कहने लगते है , लेकिन हेर मनुष्य को ये याद रख लेना चाहिए की ये जुनूं एक बार लक्ष तक पहुचने क बाद ख़तम हो जाना चाहिए अगर उसकी प्राप्ति होने के बाद भी आपको उसकी चाह है तोह उसको हम मोह कहेंगे , मोह दुनिया में सबसे खतरनाक है जिसको अगर सीधे शब्दों में कहें तोह यह आपको आपके काल की तरफ ले जाने का मार्ग है , श्रीमद भगवद्गीता हमको इसी मोह से निकलने में मदद करती है , आपको क्या लगता है की वोह सिर्फ किसी अर्जुन को उपदेश देने के लिए इतनी प्रचलित है तोह यह आपकी भूल है , में कोई धर्म की बात नही करता क्योकि हर धर्म हमको सिर्फ और सिर्फ एक ही मार्ग में लेजाता है जो की है मोक्ष का मार्ग , में एक लेखक हूँ लेकिन आज मैंने खुद पर काबू न पाते हुए कुछ होते हुए देखा जो की मेरी सोच से परे था , हर किसी को ये अनुभव अपने जीवन के मार्ग में ज़रूर हुआ होगा क्योकि ये बातें हर किसी के सम्बन्ध में है ,...