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यह श्रृष्टि आशा से भरी हुयी है

यह श्रृष्टि आशा से भरी हुयी है , हर मनुष्य के मन में ये बात आती है की हमें कुछ न कुछ करना है ,    इसी को चाह कहते है , जब ये चाह प्राप्त करने की लगन हो तोह उसको जुनून कहने लगते है ,   लेकिन हेर मनुष्य को ये याद रख लेना चाहिए की ये जुनूं एक बार लक्ष तक पहुचने क बाद  ख़तम हो जाना चाहिए अगर उसकी प्राप्ति होने के बाद भी आपको उसकी चाह है तोह उसको हम मोह कहेंगे ,   मोह दुनिया में सबसे खतरनाक है जिसको अगर सीधे शब्दों में कहें तोह यह आपको आपके काल की तरफ ले  जाने का मार्ग है , श्रीमद भगवद्गीता हमको इसी मोह से निकलने में मदद करती है , आपको क्या लगता है की  वोह सिर्फ किसी अर्जुन को उपदेश देने के लिए इतनी प्रचलित है तोह यह आपकी भूल है , में कोई धर्म की बात  नही करता क्योकि हर धर्म हमको सिर्फ और सिर्फ एक ही मार्ग में लेजाता है जो की है मोक्ष का मार्ग , में एक लेखक  हूँ लेकिन आज मैंने खुद पर काबू न पाते हुए कुछ होते हुए देखा जो की मेरी सोच से परे था , हर किसी को ये अनुभव  अपने जीवन के मार्ग में ज़रूर हुआ होगा क्योकि ये बातें हर किसी के सम्बन्ध में है ,...

Why deos sanatni use to burn bodies of peoples after they die ? क्यों सनातनी लोग किसी व्यक्ति के मरने के बाद उनके पार्थिक शरीर को जला देते थे ?

यह एक आम बात है की हर रीति रिवाज़ इंसानों ने अपने हिसाब से बनाये है जैसे की किसी के पार्थिक शरीर को उसके मरने के बाद जलना है या दफनाना है , लेकिन में आपको इस मुद्रा का द्वित्य पहलू बताऊँ तोह कैसा होगा , यह बातें न मैंने किसी से सुनी न किसी तरह से मेरेको बताई गयी , मेरी सारी जानकारी लोगो तक पहुचना मेरा काम है इसीलिए में इन सारी बातो को आप तक ला रहा हूँ , और इस यह सारी बातें मेरे सिध्धांत पैर आधारित है , इसको आप अपने हिसाब से समझ कर और ज्यादा जान सकते है |  मेरा मनना है की सनातनी भूत काल के सबसे आधुनिक मनुष्य थे और उनके पास काफी साडी दिव्या शक्तियों का ज्ञान था जिसमें से एक मुर्दे को जिंदा करने का है , लोग मेरी यह बातें सुनकर  मेरा मज़ाक उड़ायेंगे क्योकि मेरे पास इसका कोई ठोस सबूत या प्रमाण नही है लेकिन ऐएसे तोह दुनिया में काफी साडी चीज़ों का प्रमाण नही है तोह क्या हम उन सभी चीज़ों को न मानें, सवाल यह आता है की आगे क्या , तोह आगे यह की लोगो को यह बात अच्छी नही लगती थी , ख़ास कर की जो सनातनी नही थे , जब बाकि लोग जो उस समय पर आदिवासी थे उनको पता चली जैसे की मिश्र के लोगो को तोह वह यह तक...

क्या होगा अगर हम एक छोटा सा तुच्छ सा रोबोट बनाए तो ?

क्या होगा अगर हम एक छोटा सा तुच्छ सा रोबोट बनाए तो ? हर किसी का ये सवाल है कि हम आने वाली काल में मतलब भविष्य काल में अपने आप को और आने वाली पीढ़ी को आधुनिक कैसे बना सकते हैं तो इसी में मैंने अभी एक विचार प्रकट किया है कि जैसे कि हम जानते हैं की रोबोट का चलन आज के समय में आम बात हो चुकी है तो क्यों ना हम पार्टिकल रोबोट मतलब छोटा सा रोबोट तैयार करें जो किया कार में छोटा होगा लगभग एक छोटे से कंचे के बराबर और हम चाहते हैं कि उस का आकार छोटे से छोटा हो ताकि हम उसे अपने जरूरत के हिसाब से जिस भी वस्तु में डालना चाहे डाल सके मेरा मतलब है कि वह जो चीज होगी वह कंचे की तरह छोटे छोटी होगी यह दिखने में तो मामूली छोटे छोटे दाने बराबर के होंगे लेकिन इन तकनीकी उपयोग में इस तरीके से इस्तेमाल कर आ जाएगा कि अपने आप को किसी भी भेष में जोड़कर बना ले अर्थात यह किसी भी तरीके से अपने आप को जोड़ सकेंगे और इन में चुंबकीय शक्ति का इस तरीके से उपयोग होगा कि समय आने पर यह खुद को इतना मजबूत कर लें कि इन्हें घर की दीवाल मनाने का और समय-समय पर इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे की कुर्सी सोफा बनाया जा सके ना सिर्फ इतना ह...